रियान सर ने अपनी रफ़्तार का जादू दिखाया और रणबीर के गुंडों को धूल चटाने के बाद, उनकी काली स्कॉर्पियो अब हॉस्टल के गेट पर जाकर रुकी। टायर की घिसने की आवाज़ सन्नाटे को चीर गई। नव्या अभी भी उस हादसे के खौफ से कांप रही थी, उसके चेहरे पर बिखरे बाल और डरी हुई आँखें उसकी हालत बयां कर रही थीं।
गाड़ी रुकते ही रियान सर ने पीछे मुड़कर रागिनी, वेदिका और तनीषा की ओर देखा। उनकी आवाज़ में एक कड़क अनुशासन था। "तुम तीनों यहीं बैठो। बाहर कदम मत रखना। मैं नव्या को ऊपर छोड़कर और उसके कपड़े बदलवाकर अभी आता हूँ।"



Write a comment ...