विहान ने बिना एक पल गंवाए आगे बढ़कर उस पिचर प्लांट के बड़े और घड़े जैसे दिखने वाले पत्ते को बीच से तोड़ दिया। जैसे ही उसने पत्ते को उल्टा किया, उसके भीतर से तेल जैसा बेहद चिकना, गाढ़ा और रसीला तरल पदार्थ बहकर सीधे विहान की हथेलियों में आ गया। वह लिक्विड इतना ज़्यादा चिकना था कि उंगलियों पर लगाते ही वे आपस में बुरी तरह फिसलने लगीं।
विहान उस चिकने तेल को देखकर मदहोश आवाज़ में सिसकते हुए बोला: "आह्ह्ह... ओ गॉड! आखिरकार मिल गया... This is so perfectly slick and smooth... अब आएगा असली मज़ा, टारजन...!"



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