शाही मेंशन के उस आलीशान लेकिन खौफनाक कमरे में कुमुद बेसुध और बेहोश बिस्तर पर पड़ी रही। दवाइयों का जानलेवा डोज़ उसके जिस्म को सुन्न कर चुका था। बाहर का मौसम जितना खुशनुमा था, इस कमरे के भीतर उतनी ही खामोशी पसरी थी।
अंशुमान और अनिका एक बार फिर कुमुद को उसी हाल में छोड़कर कमरे से बाहर निकल आए।



Write a comment ...